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Maa Baglamukhi : दतिया पीतांबरा पीठ भक्तों के लिए क्यों है खास, मां बगुलामुखी के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना

Maa Baglamukhi : दतिया के पीतांबरा पीठ में मान्यता है कि पीला वस्त्र पहनकर माता बगुलामुखी को पीला भोग अर्पण करने से सभी मुराद पूरी होती हैं.

Maa Baglamukhi

Maa Baglamukhi : देश में कई ऐसे कई मंदिर हैं जिनके  चमत्कार देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हो जाते हैं. ऐसा ही एक मंदिर मध्य प्रदेश के दतिया में है जहां तीनों प्रहर में मां बगुलामुखी के अलग अलग स्वरूपों के दर्शन करने को मिलते हैं.
नवरात्र के मौके पर देश भर के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ है. दतिया के पीतांबरा मंदिर में भी रोज हजारों भक्त बगुलामुखी माता के दर्शन कर पूजा अर्चना कर रहे हैं. इस मंदिर में देश के कई प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री भी माता का आशीर्वाद लेने आते रहे हैं जिनमें प्रमुख रूप से पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी बाजपेई के नाम मुख्य हैं. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां भक्तों की मुराद जरूर पूरी होती है.

मंदिर की स्थापना (Maa Baglamukhi)

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा सिद्धपीठ है. इस पीठ की स्थापना वर्ष 1935 में स्वामीजी महाराज द्वारा की गई थी. माता बगुलामुखी को तंत्र मंत्र की देवी माना जाता है. कहते हैं कि यहां विशेष प्रकार के तंत्र मंत्र होते रहे हैं. कहते हैं भक्त यहां अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं और माता बगुलामुखी से समस्या को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं और यहां बहुत से भक्त अपनी समस्या को खत्म करने के लिए तंत्र मंत्र का भी सहारा लेते हैं.

Maa Baglamukhi के दर्शन छोटी खिड़की से मिलते हैं

मंदिर में बगुलामुखी माता के दर्शन के लिए कोई दरबार नहीं सजता है बल्कि एक छोटी सी खिड़की से मां बगुलामुखी के दर्शन किए जाते हैं. मां बगुलामुखी को राजसत्ता की देवी कहा जाता है और शत्रु नाश करने वाली देवी के रूप से जानी जाती हैं. राजसत्ता की इच्छा रखने वाले यहां आकर माता की गुप्त पूजा अर्चना करते हैं. यहां देश के बड़े बड़े नेताओं का आना जाना रहता है. मंदिर में देश भर से भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहता है और ऐसे पीड़ित भक्त जिनका लंबे समय से मुकदमा चल रहा हो या किसी और समस्या से पीड़ित हो, वे यहां विशेष पूजा अर्चना करने आते हैं. यहां भक्तों में यह भी मान्यता है कि पीला वस्त्र पहनकर माता को पीला भोग अर्पण करने से सभी मुराद पूरी होती हैं. (Maa Baglamukhi)

खंडेश्वर महादेव और धूमावती के भी मिलते हैं दर्शन

पीतांबरा पीठ में खंडेश्वर महादेव और माता धूमावती के दर्शन भी मिलते हैं. इस मंदिर में दाईं ओर खंडेश्वर महादेव विराजते हैं जिनकी तांत्रिक रूप में पूजा की जाती है. खंडेश्वर महादेव के दरबार के बाहर दस महाविधाओं की देवी धूमावती के दर्शन आरती के समय मिलते हैं. देवी धूमावती के दर्शन अविवाहित महिलाएं, विधवा महिला और पुरुष ही कर सकते हैं. कहा जाता है कि मां धूमावती का विधवा अवतार होने के कारण शादीशुदा महिलाओं को उनके दर्शन पर पाबंदी है.

भारत एक्सप्रेस



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