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आ रही है मासिक शिवरात्रि: इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर व्रत रखें – पंचाक्षर मंत्र का होगा जाप

Vrat Puja: मासिक शिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, व्रत रखें, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें. इस दिन पूजा से विशेष फल मिलता है.

lord shiva worship

मासिक शिवरात्रि: व्रत, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Masik Shivratri June 2025: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मासिक शिवरात्रि है. आर्द्रा नक्षत्र के साथ शूल और गण्ड योग बन रहा है. वहीं, आज चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे.

पंचांग के अनुसार, इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से 12:52 तक रहेगा और राहुकाल दोपहर के 03:53 से 05:38 तक रहेगा. कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ नहीं मानी जाती है. कृष्ण चतुर्थी मुहूर्त 23 की रात 10:09 से 24 जून की शाम 06:59 तक रहेगा.

हर साल फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि मनाई जाती है, वहीं हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. आप चाहें तो इस दिन व्रत भी रख सकते हैं. इस दिन भगवान की पूरे मनोभाव से पूजा की जाती है.

Utensils in worship

माना जाता है कि कुंवारी लड़कियां मासिक शिवरात्रि का व्रत रखें तो महादेव की कृपा से उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति होती है. वहीं, विवाहित महिलाएं इस व्रत को रखती हैं तो वैवाहिक जीवन बेहतर होता है.

एक वर्ष तक निरन्तर कर सकते हैं व्रत

पुराणों में शिवरात्रि व्रत का उल्लेख मिलता है. शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, इन्द्राणी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती तथा रति ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था. जो श्रद्धालु मासिक शिवरात्रि का व्रत करना चाहते हैं, वे इसे महाशिवरात्रि से आरम्भ करके एक वर्ष तक निरन्तर कर सकते हैं.

Utensils in worship

शिवरात्रि पूजन मध्य रात्रि के समय करें

मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से जीवन की मुश्किलें कम होती हैं. शिवरात्रि पूजन मध्य रात्रि के समय किया जाता है. मध्य रात्रि को निशिता काल के नाम से जाना जाता है तथा यह दो घटी के लिए प्रबल होती है. जून माह में इसका शुभ मुहूर्त 23 की रात 12:03 से 24 जून की 12:44 तक है.

11 बार रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें

मासिक शिवरात्रि के भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें. एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करें, गंगाजल से अभिषेक करें और बिल्वपत्र, चंदन, अक्षत, फल और फूल चढ़ाएं. भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र के जाप से भी लाभ मिलता है. 11 बार रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें. शिवलिंग के सम्मुख बैठ राम-राम जपने से भी भोलेनाथ की कृपा बरसती है.

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