Ram Mandir Donation Case
Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा गबन के आरोपों को लेकर निरंजनी अखाड़ा के आध्यात्मिक गुरु और पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि केवल एक धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है. ऐसे में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गबन हुआ है और जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
‘राम जन्मभूमि पर पूरे देश की नजर’
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सनातन धर्म के अनुयायियों की गहरी आस्था रही है. उन्होंने कहा कि इस विषय से जुड़ा कोई भी मामला स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं को प्रभावित करता है. इसलिए इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों को दंड मिलना बेहद जरूरी है.
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नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय से बातचीत का दावा
आध्यात्मिक गुरु ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय से भी चर्चा की है. उनके अनुसार, दोनों पक्षों को अपनी बात रखने और तथ्यों को स्पष्ट करने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़नी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे.
#WATCH | Delhi: On the Ram Mandir donation embezzlement case, Acharya Mahamandaleshwar Swami Kailashanand Giri Maharaj, Spiritual Guru & Peethadhishwar of the Niranjani Akhara, said, "…There is anguish not just across the country, but throughout the world, in every society… pic.twitter.com/DaR0o34R96
— ANI (@ANI) July 13, 2026
‘पीएम मोदी के नेतृत्व में न्याय का भरोसा’
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है. उनका विश्वास है कि मौजूदा नेतृत्व में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार सजा अवश्य मिलेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान या पद से ऊपर कानून और न्याय होना चाहिए.
जांच पर टिकी सबकी नजर
राम मंदिर चंदा गबन से जुड़े आरोपों के बीच अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं. स्वामी कैलाशानंद गिरि के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. हालांकि, आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी.
भारत एक्सप्रेस
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