उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थापित हो रहे ‘श्री कल्कि धाम’ आने वाले श्रद्धालुओं और वैश्विक पर्यटकों के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ी सौगात दी है. लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग ने मिलकर कल्कि धाम को सीधे ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से जोड़ने की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके तहत गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से लेकर ऐंचौड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम तक लगभग 39.900 किलोमीटर लंबी चमचमाती फोरलेन (4-Lane) सड़क का निर्माण किया जाएगा.
पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क का पूरा नक्शा और रूट प्लान तैयार कर लिया है, जबकि राजस्व विभाग ने भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के लिए आवश्यक जमीनी सर्वे की प्रक्रिया को तेज कर दिया है.
कैसा होगा नया फोरलेन रूट और क्या मिलेंगी सुविधाएं?
संभल के जिलाधिकारी (DM) अंकित खंडेलवाल के अनुसार, इस फोरलेन मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से देश-विदेश से आने वाले भक्तों को संकरी और लंबी दूरी वाली पुरानी सड़कों से पूरी तरह निजात मिल जाएगी. यह नया मार्ग न केवल सफर के समय को आधा कर देगा, बल्कि यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा. इस पूरी परियोजना के मुख्य रूट और कनेक्टिविटी की जरूरी डिटेल्स नीचे दी गई डेटा टेबल में देखी जा सकती है:
परियोजना की विशेषताएं
परियोजना का नाम सम्भल-जोया मार्ग (MDR) से कल्कि धाम होते हुए खिरनी इंटरचेंज (गंगा एक्सप्रेसवे) तक फोरलेन
प्रस्तावित कुल लंबाई 39.900 किलोमीटर (लगभग 40 किमी)
मुख्य रूट और जुड़ाव गंगा एक्सप्रेसवे खिरनी इंटरचेंज → वंशगोपाल मंदिर → सैदनगली → श्री कल्कि धाम ऐंचौड़ा कंबोह
निर्माणाधीन 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग बजट 303 करोड़ रुपये
संबंधित सरकारी विभाग लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग (उत्तर प्रदेश)
आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी नई उड़ान
अधिकारियों और जिला प्रशासन का मानना है कि इस फोरलेन सड़क के बन जाने के बाद कल्कि धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के केंद्र के रूप में तेजी से उभरेगा. बेहतर सड़क संपर्क (Road Connectivity) होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ाव के कारण आसपास के गांवों और कस्बों में नई व्यापारिक गतिविधियां शुरू होंगी. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे. इसके साथ ही, जिले के प्रसिद्ध ’24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा मार्ग’ के विकास के लिए सरकार पहले ही 303 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर कर चुकी है, जिसके निर्माण कार्य को अब और गति दी जा रही है.

संभल में पीएम मोदी ने कराया था कल्कि धाम का शिलान्यास
गौरतलब है कि संभल के ऐंचौड़ा कंबोह में बन रहे भगवान विष्णु के दसवें अवतार ‘श्री कल्कि देव’ के इस भव्य मंदिर का ऐतिहासिक शिलान्यास स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2024 को किया था. इस भव्य शिलान्यास समारोह के बाद से ही इस पूरे क्षेत्र को एक बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय भी कहा था कि कल्कि धाम भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का एक नया प्रतीक बनेगा.

आचार्य प्रमोद के साथ CMD उपेन्द्र राय ने किया था शिलादान
श्री कल्कि धाम के निर्माण और इसके आध्यात्मिक मिशन को आगे बढ़ाने में ‘भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क’ के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय की भी सक्रिय भूमिका रही है. मंदिर के शिलान्यास और स्थापना के आयोजनों के अवसर पर CMD उपेन्द्र राय ने खुद संभल पहुंचकर पूज्य संतों की मौजूदगी में पवित्र पत्थरों का ‘शिलादान’ किया था.

श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर और वरिष्ठ आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम और भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय के बीच एक गहरा और आत्मीय जुड़ाव है. विभिन्न पवित्र मौकों, दिव्य सत्संगों और महायज्ञों के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम और उपेन्द्र राय के बीच लगातार मुलाकातें होती रही हैं. इन मुलाकातों में हमेशा कल्कि धाम के आध्यात्मिक मिशन, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और इस पावन क्षेत्र के चौमुखी विकास को लेकर गंभीर और सकारात्मक चर्चाएं हुई हैं.
हाल ही में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) साझा की थी. अब गंगा एक्सप्रेसवे से इस धाम का सीधा जुड़ाव होना, इस पूरे आध्यात्मिक मिशन और उत्तर प्रदेश के विकास के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है.
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