भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत सिंह ने खेल जगत में इतिहास रच दिया. अनाहत ‘वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप’ का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. कनाडा के ओंटारियो में आयोजित प्रतियोगिता के विमेंस सिंगल्स फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे सेटों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
PM मोदी ने सराहा, बोले- ‘युवाओं के बीच बढ़ेगी लोकप्रियता’
अनाहत की इस एतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर बधाई दी. पीएम मोदी ने लिखा, “वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. अनाहत सिंह पर गर्व है कि उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. यह उपलब्धि देश के युवाओं के बीच स्क्वैश खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाएगी.”
15 साल बाद टूटा मिस्र का दबदबा
टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने बिना एक भी मैच गंवाए चैंपियन बनकर अपनी रैंकिंग को सही साबित किया. इस जीत के साथ ही उन्होंने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में मिस्र (Egypt) के पिछले 15 सालों के एकछत्र दबदबा को भी समाप्त कर दिया. वह साल 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र महिला खिलाड़ी बनी हैं.
‘लगता है जैसे सपना देख रही हूँ’
जीत के बाद भावुक अनाहत ने कहा कि पिछले चार सालों से वह सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हारती रही थीं और इस टूर्नामेंट को अपने लिए किसी ‘श्राप’ जैसा मानती थीं. लेकिन जूनियर के तौर पर अपने आखिरी साल में उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वाभाविक खेल दिखाया. बता दें कि अनाहत इससे पहले 2022 एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं.
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