तनु चौधरी, भारत एक्सप्रेस
- 20वें एशियाई खेलों के महिला कबड्डी फाइनल में सीआईएसएफ की रितु श्योरान ने भारत के लिए जीता स्वर्ण पदक
- चरखी दादरी की 23 वर्षीय सीआईएसएफ की स्टार ने आइची-नागोया में देश के लिए अपना भरपूर योगदान दिया
नागोया/नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रोमांचक फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है. खिताबी जीत के बाद भारतीय रेडर पिंकी रॉय और सीनियर खिलाड़ी ऋतु नेगी ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि कैसे पांच महीने की कड़ी मेहनत और पक्के इरादे ने भारत को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया.
कड़े मुकाबले में ऐसे पलटी बाजी
जीत पर खुशी जताते हुए पिंकी रॉय ने कहा, “जब हम भारत से जापान के लिए रवाना हुए थे, तभी ठान लिया था कि गोल्ड ही लेकर लौटना है. हमने पिछले एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीता था और इस बार भी कब्जा बरकरार रखा. फाइनल में एक समय स्कोर 26-27 हो गया था और मुकाबला बेहद नाजुक मोड़ पर था, लेकिन पांच महीने के कठिन कैंप की तैयारी काम आई और हमने वापसी करते हुए मुकाबला जीत लिया.”
स्वर्गीय मां को समर्पित किया पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल
पिंकी ने इस ऐतिहासिक जीत को अपनी मां और बहन को समर्पित किया. भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मेरी मां 2017 में दुनिया छोड़ गईं, उनका सपना मुझे टीम इंडिया की जर्सी में खेलते देखने का था. यह मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा था और यह मेडल उन्हीं के नाम है.” इसके साथ ही उन्होंने महिला कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए पुरुषों की तर्ज पर ‘महिला प्रो कबड्डी लीग’ शुरू करने की भी मांग उठाई, ताकि नई बच्चियां इस खेल से जुड़ सकें.

ऋतु नेगी ने परिवार और खेल महासंघ का जताया आभार
अनुभवी खिलाड़ी ऋतु नेगी ने कहा कि फाइनल में ईरान ने अपनी रणनीति बदली थी, लेकिन भारतीय टीम मानसिक रूप से तैयार थी. 2006 से कबड्डी खेल रहीं रेलवे की एथलीट ऋतु ने अपने माता-पिता और ससुराल पक्ष के निरंतर समर्थन को सफलता की कुंजी बताया. उन्होंने भारत सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय ट्रेनिंग कैंपों के प्रति आभार व्यक्त किया.
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