चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम, गुरुवार की शाम और रनों की ऐसी बारिश कि जिम्बाब्वे के गेंदबाज भी बस देखते रह गए! टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को 72 रनों से रौंदकर न केवल अपना दम दिखाया है, बल्कि सेमीफाइनल की रेस में भी खुद को मजबूती से बनाए रखा है. टीम इंडिया की इस जीत ने फैन्स की धड़कनें तेज कर दी हैं और अब सबकी नजरें कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर टिकी हैं.
रनों का ऐसा पहाड़, जिम्बाब्वे पस्त!
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने आज बल्लेबाजी की ऐसी नुमाइश की, जो शायद इस पूरे वर्ल्ड कप में अब तक देखने को नहीं मिली थी. टीम इंडिया ने बोर्ड पर 256 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया, जो इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा टोटल है. शुरुआत में संजू सैमसन (24) ने नींव रखी, तो फिर ईशान किशन (38) और अभिषेक शर्मा ने मोर्चा संभाला. अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 30 गेंदों पर 55 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल थे.
आखिर में हार्दिक पंड्या (नाबाद 50) और तिलक वर्मा (नाबाद 44) ने जो बल्लेबाजी की, उसे देखकर जिम्बाब्वे के फील्डर बस गेंद को सीमा रेखा के पार जाते देख रहे थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी अपना जलवा बिखेरा और 13 गेंदों पर 33 रन ठोक दिए.
जिम्बाब्वे की संघर्षपूर्ण कोशिश
257 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करना जिम्बाब्वे के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. टीम की शुरुआत धीमी रही. हालांकि, सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने एक छोर संभाले रखा और अंत तक नाबाद 97 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से विकेटों का पतझड़ जारी रहा. अर्शदीप सिंह ने डेथ ओवर्स में घातक गेंदबाजी की और 17वें ओवर में सिकंदर रजा के साथ-साथ बर्ल और मुनयोंगा को आउट कर मैच पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया. जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 184 रन ही बना सकी.
सेमीफाइनल का ‘महामुकाबला’ 1 मार्च को
इस जीत के बाद भारत के लिए समीकरण साफ हैं. जिम्बाब्वे तो अब सेमीफाइनल की रेस से पूरी तरह बाहर हो चुका है, लेकिन भारत के लिए असली ‘अग्निपरीक्षा’ वेस्टइंडीज के खिलाफ है. भारत और विंडीज के बीच 1 मार्च को कोलकाता में होने वाला मुकाबला ही तय करेगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल का टिकट पक्का करेगी. वहीं, भारतीय टीम की इस जीत का सीधा फायदा दक्षिण अफ्रीका को मिला है, जिसने सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है.
प्लेइंग 11 में बदलाव का मास्टरस्ट्रोक
इस मैच के लिए भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया था. रिंकू सिंह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह संजू सैमसन और अक्षर पटेल को मौका दिया गया, जो पूरी तरह कारगर साबित हुए. स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी मिडिल ओवर्स में रनों की गति पर लगाम लगाए रखी.
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-भारत एक्सप्रेस
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