आजादी का अधूरा हिसाब: दो तस्वीरें, तैंतीस साल
1991 economic crisis: 1991 में भारत को 47 टन सोना लंदन भेजना पड़ा था, आज विदेशी मुद्रा भंडार 729 अरब डॉलर के करीब है. 33 साल के आर्थिक सुधारों में भारत ने क्या पाया और क्या अब भी अधूरा है?
1991 के उस ‘साइलेंट सेवियर’ की कहानी, जिसने पर्दे के पीछे रहकर देश की अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाया
साल 1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास का वह मोड़ था, जब देश का विदेशी मुद्रा भंडार मात्र दो हफ्ते के आयात जितना बचा था. दिवालिया होने से बचने के लिए भारत को बैंक ऑफ इंग्लैंड और स्विस बैंक में 67 टन सोना गिरवी रखना पड़ा था.





