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baba saheb bhimrao Ambedkar

Ambedkar Jayanti 2026: राजनीतिक और शैक्षणिक ऊंचाइयों को छूने के बाद, अंतिम भाग बाबा साहेब अंबेडकर के आध्यात्मिक और संवैधानिक योगदान पर केंद्रित है. यह कहानी है उस 'मसीहा' की जिसने छुआछूत के विरुद्ध महाड़ सत्याग्रह किया और अंततः नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाकर लाखों लोगों को नई पहचान दी. जानें क्यों भीमराव 'बाबासाहेब' बने और कैसे उनका विजन आज भी आधुनिक भारत की दिशा तय कर रहा है.

Ambedkar Jayanti 2026: सकपाल से आंबेडकर बनने के बाद, यह भाग भीमराव के उस कठिन शैक्षणिक सफर पर है जहां उन्होंने विदेशों में ज्ञान अर्जित किया. बड़ौदा रियासत की नौकरी से लेकर देश के पहले कानून मंत्री बनने तक का यह सफर उनके संघर्ष और राजनीतिक उदय की कहानी है. पढ़ें कैसे एक दलित छात्र अपनी विद्वता के दम पर सत्ता के शिखर तक पहुंचा और सामाजिक न्याय के लिए 'स्वतंत्र लेबर पार्टी' जैसी नींव रखी.

Ambedkar Jayanti 2026: आज देश भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार भीमराव आंबेडकर की जयंती मना रहा है. बड़े आयोजन किए जा रहे हैं. लेकिन, सवाल ये क्या वाकई आंबेडकर को कोई संविधान के इतर भी जानता है या उन्हें केवल सियासी तौर पर उपयोग कर लिया जा रहा है.आइये 3 पार्ट में जानें सकपाल से आंबडवेकर और आंबेडकर बनने फिर उसके बाद बाबा साहेब बनने की कहानी?

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उनकी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा एससी-एसटी आरक्षण में क्रीम लेयर के खिलाफ है.

डॉक्टर भीमराव रामजी अम्बेडकर यानी बाबा साहेब केवल किसी एक समुदाय या जाति विशेष में व्याप्त रूढ़ियों, कुरीतियों और बुराइयों हेतु ही चिंतित नहीं थे.