3 बार PM बनने के करीब पहुंचे, फिर भी क्यों अधूरा रह गया बाबू जगजीवन राम का सपना?
स्वतंत्रता सेनानी, हरित क्रांति के सूत्रधार और 1971 युद्ध के रक्षा मंत्री बाबू जगजीवन राम भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में रहे. कई बार प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद राजनीतिक समीकरण और परिस्थितियों ने उन्हें देश का सर्वोच्च पद नहीं मिलने दिया...
आरा के स्कूल से दिल्ली के सिंहासन तक; बाबू जगजीवन राम की वो कहानी, जिसने बदली देश की तकदीर
बाबू जगजीवन राम, दलित समाज के प्रेरणास्रोत और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी का आज जन्मदिन हैं. भारत के रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और उप-प्रधानमंत्री रह चुके बाबू जगजीवन राम ने हरित क्रांति, 1971 के युद्ध और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है.
बाबू जगजीवन राम जयंती पर पीएम मोदी समेत पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, बताया वंचितों का सच्चा हितैषी
देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री और सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.
Siyasi Kissa: जब बेटे के फोटो कांड ने बाबू जगजीवन राम से छीन लिया था प्रधानमंत्री बनने का मौका!
इंदिरा गांधी 1977 के आम चुनावों में हार चुकी थीं और सत्ता में दोबारा वापसी के लिए तमाम गुणा-गणित लगा रही थीं. इन सबके बीच तत्कालीन जनता पार्टी की सरकार में उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम का दावा भी प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत माना जा रहा था.





