Chhattisgarh के Jageshwar Prasad की ऐसी ईमानदारी 39 साल बाद मिला Justice
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले 83 वर्षीय जागेश्वर प्रसाद अवधिया की जिंदगी एक झूठे आरोप ने बदल दी. साल 1986 में लगे 100 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप ने उनकी नौकरी,परिवार और सम्मान सब छीन लिया. अब,39 साल बाद हाईकोर्ट ने उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया है. लेकिन न्याय मिलने में हुई देरी ने उनके जीवन को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है.अवधिया इस केस से बरी होने के बाद अब सरकार से अपनी बकाया पेंशन और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं, ताकि अपने जीवन के बचे हुए दिन सुकून से गुजार सकें.
How to find stolen mobile: इस नंबर के बिना चोरी हुआ फोन मिलना है मुश्किल, कैसे करता है काम?
स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. ऑनलाइन पेमेंट से लेकर सोशल मीडिया और पर्सनल डेटा तक, सब कुछ इसी डिवाइस में मौजूद है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपका फोन चोरी हो जाए या कहीं खो जाए तो उसे कैसे खोजा जाता है?
United Nation को लेकर वैश्विक देशों में तकरार, India ने भी उठाया सवाल?
विश्व राजनीति की अशांत मिट्टी पर खड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का नैतिक व संस्थागत आधार आज पहले से कहीं अधिक प्रश्नों से घिरा है। जब युद्ध बढ़ते जा रहे हैं, तब शांति का सबसे बड़ा संरक्षक स्वयं अपनी भूमिका सिद्ध करने में असफल दिख रहा है.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1945-आधारित संरचना आज की बहुध्रुवीय और संघर्षग्रस्त दुनिया में शांति बनाए रखने में सक्षम नहीं रह गई है.वीटो शक्ति का राजनीतिक दुरुपयोग, अप्रतिनिधिक सदस्यता, कमजोर राजनीतिक निरंतरता, असंगठित शांति अभियानों और बड़े मानवीय संकटों पर निष्क्रियता ने UNSC को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
Bihar Politics : बिना मेहनत के दीपक को मिला पद, बोले ‘पापा बताएंगे मंत्री क्यों बनाया…
बिहार में 20 नवंबर 2025 को नई सरकार का गठन हो गया, जिसमें नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर 10वीं बार शपथ ली। उनके साथ ही 26 अन्य मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण समारोह में एक नाम ने सभी का ध्यान खींचा उपेंद्र कुशवाहा के बेटे, दीपक प्रकाश। दीपक प्रकाश विधायक न होने के बावजूद मंत्री बनाए गए, जिससे विपक्ष ने तुरंत परिवारवाद का आरोप लगाया।...
Nithari Case का असली कातिल कौन, सुरेंद्र कोली की रिहाई के बाद फिर गरमाया मामला |
निठारी कांड में सुरेंद्र पंढेर के बाद अब सुरेंद्र कोली भी रिहा हो गया है । ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर 16 बच्चियों की हत्या किसने की थी? सवाल ये भी है कि क्या जांच एजेंसियों ने किसी को बचाने की कोशिश की थी? इस पूरे मामले पर हमारे विशेष संवाददाता देवनाथ ने निठारी पीड़ितों के वकील खालिद ख़ान से बातचीत की । खालिद का बिस्फोटक खुलासा देखिए भारत एक्सप्रेस पर
Traffic Month Varansi में पुलिस कमीश्नर शिव हरी मीणा ने बांटे Helmet, लोगों को किया जागरूक
यातायात माह 2025 के तहत पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीना के नेतृत्व में वाराणसी के पुलिस लाइन चौराहे पर हेलमेट वितरण किया गया.अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना ने बिना हेलमेट लगाए जा रहे परिवार को हेलमेट दिया और परिवार के बच्चे से ही उनके पिता को हेलमेट पहनवाया और बच्चे से शपथ दिलाई कि पापा बिना हेलमेट पहने आप बाइक लेकर घर से बाहर नहीं निकलेंगे. हेलमेट वितरित में एडीसीपी ट्रैफिक एसीपी ट्रैफिक सहित पुलिस ट्रैफिक और पुलिस के जवान मौजूद रहे.
SIR प्रक्रिया को लेकर हो रही BLO की मौतों का कौन है जिम्मेदार?
चुनाव आयोग ने 4 नवंबर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी (SIR) की शुरुआत वोटर लिस्ट छांटने के लिए की थी. लेकिन कौन जानता था कि ये प्रक्रिया इसमें लगे BLO की मौत की वजह बनेगा. राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल में कुछ BLO खुदकुशी कर रहे हैं, तो किसी की हार्ट अटैक से मौत हो जा रही है. BLO की मौतों का मामला इतना बढ़ गया है कि इसने सियासी संग्राम का रूप ले लिया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को मौतों का जिम्मेदार ठहराया. इसको लेकर हम समझते हैं कि SIR की वजह से BLO की मौतों का मामला क्या है, और इस पर सियासी जंग कैसे छिड़ी है और इसका अंजाम क्या होगा.
India Constitution की धारा 143 को लेकर Supreme Court का बड़ा फैसला,जानें क्या आया?
संविधान की धारा 143 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. ये फैसला देश भर के गर्वनरों के अधिकारों को लेकर था. जिसको लेकर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. इन सभी मामलों को लेकर हमारे संवाददाता कृष्ण मोहन शर्मा ने पूर्व उपराज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी से खास बातचीच की, देखें ये खास रिपोर्ट।
Myanmar में नौकरी के झांसे में फंसे भारतीयों का रेस्क्यू, क्या है इसकी कहानी ?
भारत कल यानी 19 नवंबर को म्यांमार के म्यावाडी के एक स्कैम सेंटर से फंसे भारतीयों को रिहा करवाने के बाद IAF के स्पेशल विमान के जरिए अपने 125 नागरिकों को लेकर थाईलैंड से वापस लाया है. इस ऑपरेशन के बाद से देखा जाए तो मार्च से लेकर पिछले 9 महीने में स्कैम सेंटर से रिहा हुए कुल 1,500 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड के जरिए भारत वापस लाया गया है. ये लोग नौकरी के चक्कर में वहां गए और रिक्रूटिंग एजेंट्स के झांसे में फंस गए.
Khesari Lal Yadav का यूटर्न, ‘मैं चुनाव लड़ना ही नहीं चाहता था, मेरे साथ जबरदस्ती…’
बिहार चुनाव 2025 में छपरा से भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव करीब 8 हजार वोटों से हार गए. अब उनका एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि वह राजनीति में कभी आना ही नहीं चाहते थे. आइए बताते हैं उन्होंने और क्या कुछ कहा है.





