जानिए आखिर कौन थे भारतेंदु हरिश्चंद्र, जिनकी रचनाएं आज भी हैं प्रासंगिक?
भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी साहित्य के उन साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य को समाज और देश की चिंताओं से जोड़ा है. 9 सितंबर 1850 को काशी में जन्मे भारतेंदु ने नाटक, कविता, पत्रकारिता और निबंध के माध्यम से अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं को आवाज दी.
‘हिंदी को आधुनिक स्वरूप देने में अहम भूमिका’, भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर अमित शाह ने किया नमन
Bharatendu Harishchandra Jayanti: भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. नेताओं ने आधुनिक हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, समाज सुधार और राष्ट्रीय चेतना के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया.





