कौन थीं भीकाजी कामा? जिन्होंने जर्मनी में फहराया था आज़ादी का झंडा, जानिए विदेशी धरती से कैसे हिलाया था ब्रिटिश शासन
आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की उन विरल महिलाओं में से थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज बुलंद की और 1907 में स्टटगार्ट में ऐतिहासिक रूप से वंदे मातरम ध्वज फहराकर विश्व को भारत की स्वतंत्रता की आकांक्षा से परिचित कराया.
विदेश की धरती पर जब गूंजा ‘वंदे मातरम’, जानिए कौन थीं मैडम भीकाजी कामा और क्यों खास है 22 अगस्त?
मैडम भीकाजी कामा ने 22 अगस्त 1907 को जर्मनी के स्टटगार्ट में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन के दौरान भारतीय झंडा फहराकर दुनिया के सामने भारत की आजादी की आवाज बुलंद की.
कौन थीं भीकाजी कामा, जिन्होंने आजादी से बहुत पहले 1907 में विदेशी धरती पर लहराया था भारतीय ध्वज
‘भारतीय क्रांति की जननी’ के रूप में ख्याति अर्जित करने वाली भीकाजी कामा ने ब्रिटेन के अलावा अमेरिका और जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान भारत की स्वतंत्रता के लिए अभियान चलाया था.





