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Bhojshala

Dhar Bhojshala controversy: धार की भोजशाला के पीछे सर्वे नंबर 611 वाली पुश्तैनी कृषि भूमि पर नमाज कराने की प्रशासनिक तैयारी पर किसानों ने भारी हंगामा किया है. बिना नोटिस फैसले का विरोध करते हुए किसानों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

धार में सैकड़ों साल से चले आ रहे भोजशाला परिसर विवाद के निपटारे के लिए प्रशासन ने मुस्लिम समाज के लिए वैकल्पिक स्‍थान खोजकर दिए, लेकिन मुस्लिम पक्ष इसके लिए राजी नहीं हो रहा. अगली सुनवाई जल्‍द...

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीसरी याचिका दायर की गई है. जानिए ASI सर्वे और क्या है पूरा विवाद.

Dhar Bhojshala Dispute Resolved: धार भोजशाला पर ASI ने बड़ा फैसला लेते हुए आधिकारिक नाम से कमाल मौलाना मस्जिद का शब्द हटा दिया है. अब साल के 365 दिन बिना किसी रोक-टोक के हो सकेगी मां सरस्वती की पूजा हो पाएगी. जानिए क्या है ASI का नया आदेश?

Dhar Bhojshala Puja: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला विवाद पर इंदौर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानते हुए 2003 के आदेश को रद्द कर दिया है. इसके बाद से आज सुबह से ही भारी संख्या में भक्त पूजा के लिए पहुंच रहे हैं.

धार के भोजशाला मामले में आज जो कोर्ट ने फैसला दिया है आज हम उसका स्वागत करते हैं हमारी कई वर्सो की तपस्या आज पूरी हुई परामर्श ने सुरक्षा का पुकता इंतज़ाम किया मुस्लिम पक्ष का कहना है कि हम इस फ़ेसले को लेकर SC जाएँगे

भोजशाला विवाद में ASI रिपोर्ट और वीडियोग्राफी से साइट की वास्तविक स्थिति साफ होने की उम्मीद है. हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्ष अब हाईकोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर पूरा भरोसा जताया है.

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद का विषय है. हिंदू समुदाय भोजशाला को सरस्वती माता का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है.

Bhojshala ASI Survey: भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय 11वीं सदी के इस परिसर को कमाल मौला मस्जिद बताता है.

Bhojshala Dhar controversy: हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच धार स्थित भोजशाला का मुद्दा फिर गर्माने लगा है. मुस्लिम इस स्थल को 'कमल मौला मस्जिद' बताते हैं, जबकि ढांचे को देखकर विद्वान कहते हैं कि इसका अतीत हिंदू संस्कृति का रहा होगा.