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bhopal gas tragedy

सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के दोबारा परीक्षण की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि प्रशासन ने सावधानी बरती है और भविष्य में रिसाव होने पर अधिकारी इसे और मजबूत कर सकते हैं.

Bhopal Gas Tragedy: आज से ठीक 41 साल पहले भोपाल गैस त्रासदी की घटना हुई थी. उस जगरीली रात में कई लोग मारे गए थे. आइये जानें आज इसके क्या मायने हैं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है और कोर्ट के आदेश तक यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का काम नहीं होगा.

पीड़ितों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्षरत संगठनों का आरोप है कि इस विचारहीन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मांग करने वाले अधिकारियों ने गैस पीड़ितों से परामर्श करना आवश्यक नहीं समझा.

तीन दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी है. 1984 में तीन दिसंबर के दिन ही यह त्रासदी हुई थी, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी.

Bhopal Gas Tragedy: भोपाल में दो-तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से 16,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.