जिंदगी की जंग जीत गया बच्चा! बहन का मैच हुआ बोन मैरो, अस्पताल ने ऐसे लिखी सफलता की नई इबारत
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक 10 साल के बच्चे के लिए उसकी 17 वर्षीय बड़ी बहन किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुई. बहन ने अपने स्टेम सेल दान कर छोटे भाई की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई. इसी के साथ नया चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (HBCH&RC) में पहला सफल एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) भी पूरा हुआ है.





