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Bussness News

2023-24 में जीवन बीमा के माइक्रो-इंश्योरेंस खंड में नए व्यवसाय प्रीमियम (NBP) ने पहली बार 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, जिसमें निजी बीमाकर्ताओं ने प्रमुख योगदान दिया.

अप्रैल-अक्टूबर (FY25) में NRI डिपॉजिट स्कीम्स में कुल 11.89 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जिससे अक्टूबर 2024 तक इन खातों में कुल शेष राशि बढ़कर 162.69 बिलियन हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 143.48 बिलियन डॉलर थी.

IIGF 2024 में ज़ूपी के सीईओ दिलशेर मल्ही ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स शिक्षा, स्वास्थ्य, और ई-कॉमर्स में क्रांति लाकर देश को आर्थिक उछाल के लिए तैयार कर रहे हैं. उन्होंने गेमिंग तकनीक और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे की भूमिका को भी प्रमुख बताया.

प्रगति मैदान में शुरू हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हार्डवेयर मेले में 35 देशों के 10,000 व्यापार प्रतिनिधि और 250 प्रदर्शक भाग ले रहे हैं. भारतीय हार्डवेयर बाजार में निर्यात और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ, यह मेला भारतीय एमएसएमई को अपनी गुणवत्ता प्रदर्शित करने का अवसर देगा.

आरबीआई द्वारा जारी साप्ताहिक सांख्यिकी डेटा से जानकारी मिलती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में बढ़ोतरी के कारण दर्ज हुई, जो 2.06 अरब डॉलर बढ़कर 568.85 अरब डॉलर हो गया है.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि विश्व वस्तु निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 1.66 प्रतिशत से बढ़कर 1.81 प्रतिशत हो गई है और देश 20वें स्थान से 17वें स्थान पर पहुंच गया है. 

नई नीति के अनुसार फंड को कम से कम पांच साल तक रखना अनिवार्य है. रिपोर्ट्स में आगे कहा गया कि शेष राशि को अन्य वित्तीय साधनों, जैसे सरकारी प्रतिभूतियों और कॉर्पोरेट बांडों में निवेश किया जाएगा.

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री 2024 में 10 लाख यूनिट्स पार कर गई, जो एक नया मील का पत्थर है. ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस, बजाज ऑटो और एथर एनर्जी प्रमुख कंपनियां हैं, जिन्होंने मिलकर 83% बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा किया है.

'Make in India' और बढ़ते स्थानीयकरण के प्रभाव से प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों जैसे सैमसंग, एप्पल, व्हर्लपूल, डिक्सन और हैवेल्स के आयात में वित्तीय वर्ष 2023-2024 में गिरावट आई है, जो शायद पहली बार हुआ है. इस गिरावट का कारण स्थानीय उत्पादन में वृद्धि और सरकार की PLI योजनाओं का प्रभाव बताया जा रहा है.

भारत ने अक्टूबर 2024 में 39.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड निर्यात का आंकड़ा हासिल किया, जो पिछले दशक में सबसे बड़ा है. इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्युटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो सरकार की नीति सुधारों और व्यापारिक प्रोत्साहनों का परिणाम है.