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Caste Census

बिहार में जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है कि देश के अन्य राज्यों में भी जाति जनगणना कराई जाएगी. राहुल गांधी हर चुनाव रैली में कह रहे हैं कि हमारी सरकार जिन राज्यों में आएगी उनमें जाति जनगणना कराई जाएगी.

2005 में बिहार की सत्ता पर नीतीश कुमार काबिज हुए थे. इसके बाद से अब तक नीतीश कुमार की पार्टी ही सत्ता के केंद्र में रही है. हालांकि, 3 बार जेडीयू ने अपना सहयोगी जरूर बदला. 18 साल के शासन में 3 साल आरजेडी-कांग्रेस और 13 साल बीजेपी सत्ता की हिस्सेदार रही.

2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं. एक तरफ बीजेपी है तो दूसरी तरफ INDIA गठबंधन है. दोनों के लिए ही जातिगत जनगणना एक बड़ा मुद्दा है. विपक्ष ने जातिगत जनगणना का दांव चला है, वहीं बीजेपी हिंदुत्व और सोशल इंजीनियरिंग के भरोसे है.

Amit Shah News Today: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जातिगत जनगणना की मांग से जुड़े सवाल का छत्तीसगढ़ में जवाब दिया. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने जाति जनगणना को एक बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है.

Loksabha elections: प्रदेश में पिछले महीने जातीय गणना की रिपोर्ट जारी इसके आंकड़े बताए गए थे. इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, ओबीसी और ईबीसी वर्गों की राज्य में आबादी 63 फीसदी निकली.

जातीय जनगणना की मांग के बीच राममंदिर उद्घाटन का भव्य कार्यक्रम भले एक इतेफाक हो, लेकिन सियासी गलियारों में इसे मंडल बनाम कमंडल पार्ट-2 कहा जा रहा है. इसकी 2 वजहें भी हैं. पहला, राममंदिर का उद्घाटन लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके मुख्य अतिथि हैं.

मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले जाति गणना का मुद्दा जोर पकड़ रहा है। राहुल गांधी ने सत्ता में आने पर जाति गणना करवाने का एलान किया है। वहीं मध्य प्रदेश में 136 घोषित सीटों में भाजपा ने 48 सामान्य, 40 ओबीसी, 30 एसटी और 18 एससी उम्मीदवार घोषित किए हैं।

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है वहां भी वहां पार्टी जातिगत जनगणना कराएगी.

बिहार में जातीय सर्वे के आंकड़े सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार सरकार की बिहार जाति जनगणना और "जितनी आबादी उतना हक" की कहानी पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि भारत के गरीब लोग आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा थे.

Caste Census: संजय निषाद ने कहा कि पूर्व की सपा और बसपा सरकारों ने मछुआ समाज के साथ विश्वासघात किया. मछुआ समाज को पिछड़ा व अनुसूचित आरक्षण के नाम पर उलझाने का काम किया.