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christianity

पोप फ्रांसिस की आत्मकथा ‘आशाओं की एक विरासत’ उनके जीवन के साथ-साथ उनके विचारों और मानवीय सरोकारों को भी सामने लाती है.

वास्को द गामा के आगमन से 1450 साल पहले पहली शताब्दी ईस्वी में सेंट थॉमस के जरिए भारत में ईसाई धर्म की शुरुआत हो चुकी थी. जानिए भारत में ईसाइयत की प्राचीन जड़ों और होलगर कर्स्टन की किताब के दावों का पूरा इतिहास.

यूरोप गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वहां एक आयोजन में ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस से मुलाकात की. पीएमओ ने बयान में कहा कि यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है.