कहीं सूखा तो कहीं जलप्रलय! वायुमंडल में घुट रहा धरती का दम, वैज्ञानिकों की चेतावनी- अब नहीं संभले तो सब खत्म
Global Warming: वायुमंडल में बढ़ते कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा का सीधा असर हमारे मौसम, गर्मी, पानी, खेती और आने वाले समय में इंसानों की जिंदगी पर पड़ने वाला है. पिछले करीब 100 सालों में वायुमंडल में CO2 की मात्रा में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का लगातार जलना है.
EXPLAINER: हिमालय में 40% बर्फ खत्म, 3 गुना बढ़ीं खतरनाक झीलें…; क्यों हिमालयी नदियों के मुहाने पर बसे इलाके हो रहे हैं तबाह?
Nepal Flash Flood: नेपाल में आई तबाही सिर्फ बारिश से नहीं आ सकती. वैज्ञानिकों का कहना है कि भोटेकोशी नदी में यह सैलाब एक बड़े हिमस्खलन के चलते आया है. तिब्बत में बुधवार की सुबह आए भूकंप ने एक ग्लेशियर को तोड़ दिया और यह ग्लेशियर आगे जाकर भोटेकोशी नदी की एक सहायक नदी के रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया.
यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर, 21 जून से 1,300 से ज्यादा मौतें; WHO ने जारी की गंभीर चेतावनी
Europe Heatwave 2026: यूरोप में भीषण हीटवेव के चलते 21 जून से अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई देशों में तापमान 40°C के पार पहुंच गया. WHO ने चेतावनी दी है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है और जलवायु परिवर्तन से ऐसे हालात हर साल गंभीर हो रहे हैं.
WMO की बड़ी चेतावनी! भारत समेत दुनिया में सूखे का खतरा, मानसून पर मंडराया संकट
El Nino impact on India 2026: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अल नीनो के 90% तक सक्रिय रहने की आशंका जताते हुए सूखा, बाढ़ और हीटवेव का खतरा बताया है. हालांकि भारत में IOD और MJO सिस्टम सक्रिय रहने पर कमजोर मानसून के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
इंसान ने पाताल से खींच लिया इतना पानी कि डगमगा गई धरती! भारत और अमेरिका के कारण ज्यादा झुक गई पृथ्वी की धुरी
SCIENCE NEWS: भारत और अमेरिका द्वारा जमीन से अंधाधुंध पानी निकालने के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ गया है और उसकी भौगोलिक धुरी (Axis) ज्यादा झुक गई है.
धरती पर बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप: अगले 5 साल टूट सकते हैं तापमान के सारे रिकॉर्ड, ‘अल नीनो’ लाएगा बड़ी तबाही?
CLIMATE ALERT: विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी, अगले 5 वर्षों में दुनिया का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा. 2027 के सबसे गर्म वर्ष होने की 86% संभावना है.
भारत के सबसे बड़े नदी तंत्र पर संकट के बादल, गंगा रिवर बेसिन में 1300 साल का सबसे भयानक सूखा- आगे क्या होगा?
एक ताजा स्टडी के मुताबिक, गंगा नदी बेसिन ने 1300 साल में सबसे भयानक सूखा देखा. 1991-2020 के बीच सूखा 76% ज्यादा गंभीर था. जिसके मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन, कम मानसून और ज्यादा भूजल निकासी थे. भविष्य में लाखों लोगों के जीवन पर संकट आएगा.
बारूद की गूंज और धुआं-धुआं आसमान! ईरान-अमेरिका युद्ध कैसे बन रहा है दुनिया के लिए क्लाइमेट टाइम बम?
Iran America war Climate Change: वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहा युद्ध जलवायु परिवर्तन को और भी बदतर बना रहा है. युद्ध में भारी मात्रा में ऐसे उत्सर्जन को जन्म देते हैं जो पृथ्वी को गर्म करते हैं. जो आजीविका को नष्ट करते हैं, जलवायु परिवर्तन को बढ़ाते हैं.
साल 2100 में घर नहीं हवा और पानी के लिए होगा युद्ध! क्या हम अपनी अगली पीढ़ी के लिए सिर्फ राख छोड़ेंगे? AI की भविष्यवाणी सुनकर कांप जाएगी रूह
Global Warming Crisis: एआई के मुताबिक अगले 40 से 50 सालों में यह विनाश समाज के अंदर घुस जाएगा. जो हवा, पानी और खाना साझा हुआ करती थी, वो लड़ाई की वजह बन जाएंगी. सीमाएं जलवायु से तय होने लगेंगी. जो लोग अपना घर नहीं छोड़ेंगे उन्हें जबरदस्ती घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया जाएगा.
खतरे में धरती का फेफड़ा! जलवायु परिवर्तन से खत्म हो रहे समुद्री घास के मैदान, हर 30 मिनट में एक फुटबॉल मैदान जितना हिस्सा नष्ट
Climate Change Effect Oceans: जलवायु परिवर्तन के चलते समुद्र का तापमान बढ़ रहा है. जिसके चलते समुद्र में लगातार उठ रहे समुद्री घास के मैदान नष्ट हो रहे हैं. इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 2050 तक कुछ समुद्री घासें हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएंगी.





