ढलती उम्र में नई शुरुआत: 115 बुजुर्गों ने थामा उम्मीद का हाथ, बेटियां बनीं सहारा
ढलती उम्र में भी साथ की तलाश हुई तो भीलवाड़ा में अनुबंध फाउंडेशन के जीवनसाथी परिचय सम्मेलन में 115 बुजुर्ग पहुंचे. कई बेटियां अपने पिता को अकेलेपन से बचाने खुद लेकर आईं.
पिता ने अपनी ही तीन बेटियों का किया रेप, एक का चार बार गर्भपात कराया, पीड़ितों की आपबीती सुन हिल जाएंगे आप
समाज में बेटीयां पिता को अपना रक्षक मानती है. जब भी उन पर कोई मुसीबत आती है, तो अपने पिता के कंधे पर सिर रखकर सुकून महशूह करती हैं और वो उस हर संकट से लड़ने की हिम्मत मिलती है





