113 साल पुराने जिमखाना क्लब पर लगेगा ताला! जानिए कैसे एलीट वर्ग की पहचान बना यह क्लब बन गया विवादों का अड्डा?
Delhi Gymkhana Club: देश की राजधानी के दिल में बसा 113 साल पुराना, सत्ता, रसूख और रईसी का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाने वाला दिल्ली जिमखाना क्लब अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है. भारत सरकार अब इस क्लब पर ताला लगाने की तैयारी में है.
जिमखाना की सरकारी टीम पर गंभीर आरोप, कॉर्पोरेट न्याय व्यवस्था भी सवालों के घेरे में!
Delhi Gymkhana Club Scam: चार साल पहले दिल्ली जिमखाना क्लब में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उसका प्रबंधन संभालने वाला कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय आखिर एक भी मामले में जांच क्यों नहीं कर पाया?
MCA और NCLT से उठा भरोसा, बैलेंस शीट खारिज करके हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे जिमखाना के सदस्य!
Delhi Gymkhana Club: दिल्ली जिमखाना क्लब में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के नाम पर नियुक्त सरकारी निदेशकों को एक बार फिर क्लब सदस्यों ने सिरे से नकार दिया है.
खुद की नियुक्ति करने वालों को ही गुमराह कर रहे हैं जिमखाना में नियुक्त सरकारी नुमाइंदे, फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट छिपाने का आरोप
जिमखाना क्लब के पास सदस्यता शुल्क सहित अन्य माध्यमों से दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा रकम जमा थी. इस पैसे को इन्वेस्ट करने के लिए एडवाइजर नियुक्त होना था.
आला पुलिस अफसरों ने थानाध्यक्ष को बनाया बलि का बकरा!
जिमखाना के प्रबंधन द्वारा प्रधानमंत्री आवास के साथ ड्रोन उड़ाने का मामला अब दिल्ली पुलिस के गले की हड्डी बन गया है. इस मामले में पुलिस को तमाम सबूत और शिकायत दी गई. लेकिन आईबी से सेवानिवृत्त एक अफसर के दबाव में आला अधिकारियों ने मामला दर्ज नहीं किया. सूत्रों की मानें तो कल तक कानून का मखौल बनाने वाले इन्हीं अधिकारियों ने अदालत के हस्तक्षेप के बाद थानाध्यक्ष को बलि का बकरा बनाकर लाइन हाजिर कर दिया है.
जिमखाना क्लब के पूर्व सचिव जेपी सिंह पर फर्जी दस्तावेजों से सदस्यता लेने का आरोप
क्लब सूत्रों की मानें तो सर्वोच्च न्यायालय के सितम्बर 2021 के आदेशों की अवमानना कर क्लब के हजारों सदस्यों के मूल दस्तावेजों को षड्यंत्र के तहत नष्ट कर दिया गया है.





