Delhi में पुराने वाहनों पर फिलहाल रोक नहीं, Rekha Government को जनता की चिंता या विपक्ष का दवाब
1 जुलाई 2025 की तारीख दिल्ली के करीब 60 लाख वाहन मालिकों के लिए एक डर की तरह सामने आई. कारण था—CAQM (Commission for Air Quality Management) का एक अहम आदेश, जिसके तहत दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया कि वे उन वाहनों को ईंधन न दें, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है यानी जो End of Life (EOL) गाड़ियाँ हैं. इसके साथ ही अगर कोई ऐसा वाहन पकड़ा गया, तो उस पर जुर्माना भी लगाया गया.
तुगलकी फरमान से NGT के आदेशों की अनदेखी की परिवहन विभाग ने
परिवहन विभाग के अधिकारी सड़कों से पुराने वाहनों को हटाने के NGT के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं! पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग मामले में मनमाने तरीके से समीक्षा करके ऐसा फरमान जारी कर दिया, जिससे अजीब दुविधा उत्पन्न हो गई है. शायद यही वजह है कि परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा इस मामले में अभी भी तथ्यों को झुठलाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका दावा है कि किसी कंपनी को स्टे नहीं मिला है और दिल्ली के 8 में से 5 केंद्र पहले ही नई व्यवस्था में स्थानांतरित हो चुके हैं.





