एडिनबर्ग लॉ स्कूल में न्यायमूर्ति बीआर गवई ने भारतीय संविधान को बताया जीवंत और विकसित दस्तावेज
मुख्य न्यायाधीश (CJI) BR Gavai ने भारतीय संविधान को एक "सामाजिक अनुबंध" बताया. जो जाति, बहिष्करण और अन्याय जैसे मुद्दों को न केवल स्वीकार करता है बल्कि उनमें हस्तक्षेप करता है. ताकि सकारात्मक कार्रवाई के ज़रिए वास्तविक समानता प्राप्त की जा सके.





