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Election Result

बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी का जितना बुरा हाल इस बार हुआ वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था. इस चुनाव में उसे महज 25 सीटों से संतोष करना पड़ा है. जबकि पूरे महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं. तेजस्वी यादव के सभी दावे और बड़े-बड़े दावे धरे के धरे रह गए हैं. पार्टी की बुरी हार के बाद अब परिवार में महाभारत शुरू हो गई है. इस पूरी सियासी महाभारत के केंद्र में अगर किसी बड़े किरदार का नाम आता है तो वो हैं संजय यादव , ये वही संजय हैं, जिन्हें तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप जयचंद की संज्ञा दे रहे हैं.वहीं इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है, वो है रमीज नेमत खान का. इन दोनों का जिक्र करते हुए तेजस्वी की बहन रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है.

पटना से एक बड़ी राजनीतिक तस्वीर सामने आई है, जहाँ NDA की अप्रत्याशित जीत के बाद जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के घर जश्न का माहौल चरम पर है। क्षेत्र की जनता के लिए लगातार भोज का आयोजन जारी है, और समर्थक ढोल–नगाड़ों पर जमकर थिरकते नजर आ रहे हैं। माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल चुका है। मौके पर मौजूद भारत एक्सप्रेस के संवाददाता आशुतोष कुमार ने जश्न से लेकर जनता की प्रतिक्रियाओं तक, हर पल का जायजा लिया। यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि समर्थकों की भावनाओं से जुड़ा बड़ा उत्सव बन गई है...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बिहार चुनाव के बीच युवा नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को एक चुनावी रैली में जोरदार 'ललकार' (challenge/taunt) दी है। पीएम की इस हमलावर मुद्रा और बयान को लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या यह ललकार बिहार की सत्ता (power) का समीकरण बदल देगी?

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की ओर से जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद डोटासरा, टीकाराम जूली, भंवर जितेन्द्र सिंह जैसे दिग्गज नेता सक्रीय रहे. वहीं भाजपा का चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इर्द-गिर्द घूमता रहा.

आज महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही कई राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणाम भी जारी हुए. इस स्टोरी में आपके लिए हमने वोट काउंटिंग से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए. जानिए चुनाव परिणाम कैसा रहा, हार-जीत पर किस नेता ने क्या-कुछ कहा—

पोस्टल बैलेट की गिनती उसी प्रकार की जाएगी जैसे 2019 से लेकर अब तक विभिन्न चुनाव में की जा रही है. अमूमन पोस्टल बैलेट की संख्या कम होती है और उनकी गिनती पहले समाप्त हो जाती है.

अब हर किसी की नजर मतगणना पर है. एग्जिट पोल के पूर्वानुमान भाजपा को बड़ी बढ़त के साथ 2019 के नतीजे दोहराने की तरफ इशारा कर रहे हैं. कांग्रेस को भी कुछ एग्जिट पोल के आधार पर उम्मीद है.