PM Modi
GDP Booms: भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल की है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की विकास दर 5.6 प्रतिशत से काफी अधिक है. यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा शुक्रवार (28 नवंबर) को दी गई. इससे वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में विकास दर 8 प्रतिशत की हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 6.1 प्रतिशत थी. मंत्रालय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर अवधि में देश की नॉमिनल जीडीपी में 8.7 प्रतिशत की दर से इजाफा हुआ है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा –
2025-26 के Q2 में 8.2% GDP ग्रोथ बहुत उत्साहजनक है. यह हमारी ग्रोथ-समर्थक नीतियों और सुधारों के असर को दिखाता है. यह हमारे लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यम को भी दिखाता है. हमारी सरकार सुधारों को आगे बढ़ाती रहेगी और हर नागरिक के लिए Ease of Living को मज़बूत करेगी.
The 8.2% GDP growth in Q2 of 2025-26 is very encouraging. It reflects the impact of our pro-growth policies and reforms. It also reflects the hard work and enterprise of our people. Our government will continue to advance reforms and strengthen Ease of Living for every citizen.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025
तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector) की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रही
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रियल जीडीपी वृद्धि दर के आठ प्रतिशत से ऊपर निकलने की वजह द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन था. वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में द्वितीयक क्षेत्र (Secondary Sector) की वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector) की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रही है.
द्वितीयक क्षेत्र में शामिल मैन्युफैक्चरिंग की वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत और कंस्ट्रक्शन की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही है. तृतीयक क्षेत्र में फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में 7.9 प्रतिशत की बढ़त हुई
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कृषि और उससे जुड़े हुए सेक्टर की विकास दर 3.5 प्रतिशत रही है. वहीं इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वाटर सप्लाई और अन्य यूटिलिटी सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रही है. वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में 7.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसमें 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.
चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) में 2.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.3 प्रतिशत बढ़ा था. सरकार की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में निर्यात 5.6 प्रतिशत बढ़ा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 3 प्रतिशत बढ़ा था.
चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर अवधि में आयात में 12.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में एक प्रतिशत की दर से बढ़ा था.
-भारत एक्सप्रेस
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