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भारत प्रमुख औद्योगिक जी-7 देशों के बीच भी मजबूती से विकास करना जारी रखेगा. यह जानकारी 'पॉपुलेशन, प्रोडक्टिविटी, पार्टनरशिप: रिथिंकिंग जी7-इंडिया कोलेबरेशन' विषय पर रिपोर्ट को लेकर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के विश्लेषण में दी गई.

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि 2025 में स्थिर वृद्धि की उम्मीद, घटती मुद्रास्फीति और वर्तमान मौद्रिक सहजता के साथ भारत का निकट-अवधि मैक्रो-आउटलुक मजबूत बना हुआ है.

RBI की 'स्टेट ऑफ द इकोनॉमी' रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौद्रिक, वित्तीय और राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत स्थिरता और निश्चितता, अनुकूल कारोबारी माहौल और मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल के साथ-साथ ट्रांसपेरेंट, नियम-आधारित और दूरदर्शी पॉलिसी इकोसिस्टम से घिरी हुई है.

आरबीआई बुलेटिन के अनुसार, "इन चुनौतियों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती प्रदर्शित की है. अप्रैल में औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के हाई-फ्रिक्वेंसी इंडीकेटर्स ने अपनी गति बनाए रखी."

भारत मौजूदा समय में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. जीडीपी में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान, भारत से आगे हैं. आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन सकता है.

भारत की जीडीपी बीते 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है. देश की अर्थव्यवस्था 2025 में बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो कि 2015 में 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी.

सरकार द्वारा जारी किए गए अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

ग्रांट थॉर्नटन प्री-बजट सर्वेक्षण के अनुसार, उद्योग जगत के अधिकांश नेताओं को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था 6-6.9 प्रतिशत के बीच बढ़ेगी, जिसे तकनीकी प्रगति और व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए सुधारों का समर्थन प्राप्त होगा.

FICCI) ने गुरुवार (16 जनवरी) को अनुमान लगाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में 6.5-6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी, जो इनफ्लेशन के दबाव में कमी, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर निरंतर जोर और उपभोक्ता खर्च में तेजी के कारण होगी.

Bank Of Baroda की रिपोर्ट मे कहा गया है कि वित्त वर्ष 26 के लिए, हम नॉमिनल GDP वृद्धि 10.5 प्रतिशत और वास्तविक GDP वृद्धि 6.8 प्रतिशत की उम्मीद करते हैं. वहीं रबी फसल की अधिक बुवाई से कृषि विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.