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global politics

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच हाल ही में हुई टेलीफोन बातचीत को लेकर देश की सियासत में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए कहा कि ये फैसला पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है. पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच शांति समझौते की लगातार कोशिश कर रहा है.हालांकि इस फैसले के बावजूद ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पहले की तरह जारी रहेगी.

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। जिसमें वो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बयान देते नजर आए हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि आज हम काशी आए हैं, यह हमारा सौभाग्य हैइसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका का सत्ताधीश बहुत विचलित व्यक्ति है।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया नए खेमों में बंटती दिख रही है. जहां पश्चिमी देश और चीन-रूस एक-दूसरे के विपरीत खड़े हैं, वहीं भारत ने 'शांति और कूटनीति' का संतुलन बनाए रखा है. जानें इस महायुद्ध के खतरे के बीच कौन किस देश का हाथ थाम रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं. बीते 29 जनवरी को उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि डग बर्गम को मैं अमेरिका का इंटीरियर सेक्रेटरी इसलिए नियुक्त किया हूं, क्योंकि उन्हें उनकी पत्नी कैथरीन बर्गम काफी अच्छी और सुंदर लगीं. इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं

वेनेजुएला संकट के बीच पीएम मोदी और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की फोन बातचीत ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है.

China AI video against Donald Trump: चीन के सरकारी मीडिया ने AI वीडियो के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर तंज कसा है. वीडियो में ग्रीनलैंड मुद्दे और ट्रंप की एकतरफा विदेश नीति को लेकर व्यंग्य किया गया है.

इन प्रदर्शनों की वजह देश में बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा की भारी गिरावट बताई जा रही है...हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आम लोगों के लिए रोजमर्रा की ज़रूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है....इसी गुस्से के चलते लोग सड़कों पर उतर आए हैं और यह प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है.

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया स्पष्ट की है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता है.

पाकिस्तान की आर्थिक हालत कितनी नाज़ुक है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे मंच को अब वो वैश्विक आर्थिक विमर्श नहीं, बल्कि निवेश जुटाने और भरोसा मांगने के मंच के तौर पर देख रहा है. जनवरी 2026 में दावोस में होने वाली World Economic की मीटिंग से पहले पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है. विदेशी कर्ज़, IMF की सख़्त शर्तें, गिरता उद्योग और राजनीतिक अस्थिरता. इन सबके बीच पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निवेश और भरोसा जुटाने की कोशिश में है.