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Global South

Global South India Diplomacy Swaraj G20: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने 'रणनीतिक स्वायत्तता' और 'स्वराज' के विचार को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करते हुए विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं को प्रमुखता दी है. G20 में अफ्रीकी संघ की स्थायी सदस्यता और Voice of Global South Summit जैसे ऐतिहासिक कदमों ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत की नेतृत्व क्षमता को साबित किया है.

टीवी ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ के मीडिया संस्थान पश्चिमी मीडिया के एकतरफा वर्चस्व को चुनौती दे रहे हैं. इनका मकसद वैश्विक मुद्दों पर निष्पक्ष और बहुआयामी नजरिया पेश करना है.

जब भी हम अंतरराष्ट्रीय मंचों और ब्रिक्स (BRICS) जैसे बड़े संगठनों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बैठकें और समझौतों के कागजात आते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की ब्रिक्स कूटनीति सिर्फ प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एक गहरी सिविलिज़ेशनल सोच दिखती है.

BRICS Summit 2026: दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद पर सख्त रुख, युद्ध में शिपिंग रूट्स की सुरक्षा, ग्लोबल वैल्यू चेन सहयोग, पर्यावरण निगरानी और UNSC सुधार की मांग शामिल रही.

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत ने वैश्विक राजनीति, आतंकवाद, पश्चिम एशिया संकट और ग्लोबल साउथ की भूमिका पर नेतृत्व दिखाया.

ब्रिक्स संगठन का बढ़ता दायरा पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे और प्रतिबंध लगाने की ताकत को सीधी चुनौती दे रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का संतुलन तेजी से बदल रहा है.

BRICS Expansion 2026: ब्रिक्स विस्तार 2026 भारत की इस क्षमता की परीक्षा ले रहा है कि वह गुट को विकास, सहयोग और रणनीतिक स्वायत्तता पर केंद्रित रखते हुए चीन के प्रभाव को कैसे संतुलित करता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है. भारत एक ओर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के साथ BRICS जैसे मंचों पर भी सक्रिय है.

गलवान संकट से लेकर गाजा और तेहरान तक, BRICS शिखर सम्मेलन यह साबित कर रहा है कि यह ब्लॉक अब पश्चिम के आर्थिक और रणनीतिक दबदबे का एक नया और असरदार जवाब बन रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ब्रिक्स (बीआरआईसीएस) की वर्ष 2026 की अध्यक्षता के दौरान भारत ग्लोबल साउथ को सुरक्षित, मजबूत, न्यायसंगत और टिकाऊ वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केंद्र में रखने की दिशा में काम करेगा.