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GRAP-4

Delhi-NCR Pollution: दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. कई इलाकों का AQI 400 के पार पहुंच गया है. GRAP-4 लागू होने के बावजूद प्रदूषण कम नहीं हो रहा और लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है.

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक हो गई है, जिसमें 18 दिसंबर की सुबह 7 बजे तक के आंकड़ों में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 442 रिकॉर्ड किया गया है.

दिल्ली के 37 इलाकों में 'पॉल्यूशन प्वाइंट' बने हैं, जहां पॉल्यूशन के स्तर को मापा जाता है. आज इन 37 'पॉल्यूशन प्वाइंट' में से 29 प्वाइंट पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ है.

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शादान फरासत ने कहा कि हमने 90000 श्रमिकों को 2000 का भुगतान किया है. शेष रुपए 6000 हम आज ही जारी करेंगे. इस पर बेंच ने कहा कि 90 हजार मजदूर 8 हजार रुपये के लिए पात्र हैं. आप बाकी के 6 हजार रुपये कब चुकाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट के जरिए दावा किया कि एक सीनियर अधिकारी के घर प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन हो रहा था.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है. रिपोर्ट में कहा गया कि वायु प्रदूषण की स्थिति अभी भी बहुत खराब है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा, अभी भी AQI 600 के पार है.

राजधानी और उसके आसपास के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर है, जो खराब से लेकर गंभीर स्तर तक के बीच है. एक्यूआई अगर इस स्तर पर रहता है तो सांस लेने में समस्या हो सकती है.

प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और औसत एक्यूआई 450 को पार कर जाता है तो ग्रैप का चौथा चरण लागू किया जाता है. ग्रैप-4 लागू होने के बाद प्रतिबंध सबसे ज्यादा और सबसे कड़े होते हैं.

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर की स्थिति काफी खराब है. दिल्ली में औसत एक्यूआई 484 दर्ज किया गया है.