अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब सहित 8 बड़ी टेक कंपनियों को निलंबित कर दिया है. जानिए इसका H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड प्रक्रिया और भारतीय आईटी पेशेवरों पर क्या असर पड़ सकता है?
US Visa Rules : Visa से पहले Social Media टेस्ट अनिवार्य, H-1B पर नई जांच
ट्रंप प्रशासन ने सोमवार से H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदकों की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच आज (सोमवार) से शुरू होगी। जांच के दौरान सभी की सोशल मीडिया प्रोफाइल भी चेक की जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि 15 दिसंबर से H-1B वीजा का आवेदन करने वालों और उनपर आश्रित लोगों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। स्टूडेंट्स पहले से ही इस समीक्षा के दायरे में थे। वहीं, अब अमेरिकी प्रशासन ने ऑनलाइन उपस्थिति के साथ-साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच करने का भी आदेश दिया है। साथ ही H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदक और उनपर आश्रित लोग भी इस जांच के दायरे में आएंगे।
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अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अचानक फैसले ने H-1B वीज़ा पर नए आवेदनों के लिए $1 लाख का शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है.
किन लोगों के लिए देना होगा H-1B Visa के 1 लाख डॉलर की फीस, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने एक-एक कर दिए सभी जवाब, कंपनियों को मिली राहत
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने नई फीस को लेकर साफ किया कि ये 1,00,000 डॉलर की फीस कोई एनुअल चार्ज नहीं है, बल्कि नए आवेदकों के लिए वन टाइम फीस है.
अमेरिका ने H-1B वीजा के लिए क्यों बढ़ाया शुल्क? खुद बताई वजह
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की नौकरियों पर पहला हक अमेरिकियों का है और यही उनकी अमेरिक फर्स्ट नीति है.







