Jharkhand Assembly के बाहर विपक्ष के हंगामे पर सत्तापक्ष का जोरदार निशाना
सोमवार को सदन में किसानों के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया. सदन के तुरंत बाद कैबिनेट की बैठक में सरकार ने धान क्रय की राशि और फंड दोनो आवंटित कर दिया. बावजूद इसके न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष के कई लोगों के मन में कई सवाल दिखे.. इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायक उदय शंकर सिंह से देखें हमारे संवाददाता मधुकर आनंद की ये एक्सक्लूसिव बातचीत...
Jharkhand Assembly के बाहर हेमंत सरकार के खिलाफ विपक्ष का हंगामा
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी सदन में ज़बरदस्त हंगामा देखने को मिला। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायक पोर्टिको में हेमंत सोरेन के समर्थन में और छात्रवृत्ति समेत कई वादों को लेकर प्रदर्शन करते दिखे। पूरी रिपोर्ट देखिए भारत एक्सप्रेस संवाददाता मधुकर आनंद के साथ...
BJP – CM Hemant पर सियासी गरमी, Arup Chatterje ने खोले मीटिंग के राज
झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही राजनीतिक गलियों में हेमंत सोरेन और बीजेपी के बीच नज़दीकियों की चर्चा तेज़ हो गई। सियासी तापमान तब और बढ़ गया जब देर रात हुई बैठक में क्या हुआ, इसे लेकर कई सवाल उठे। इन्हीं सवालों के बीच भारत एक्सप्रेस संवाददाता मधुकर आनंद से खास बातचीत में सत्ता पक्ष के विधायक अरूप चटर्जी ने बड़े दावे किए। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है और हेमंत सोरेन ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी सभी बातें सिर्फ अफवाह हैं। जानिए पूरा मामला इस रिपोर्ट में...
Jharkhand में नई समीकरणों की आहट, सुनिए क्या कहते है Aditya Sahu ?
झारखंड की राजनीति में इन दिनों हेमंत सोरेन नेतृत्व वाली सरकार और भाजपा के संभावित सहयोग को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। बिहार चुनाव के दौरान झामुमो–राजद–कांग्रेस के बीच बढ़ी तल्खी और भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक के ट्वीट के बाद यह चर्चा और गर्म हो गई। ऐसे माहौल में इन अटकलों पर झारखंड भाजपा क्या सोच रही है, इसे जानने के लिए भारत एक्सप्रेस संवाददाता मधुकर आनंद ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू से विशेष बातचीत की। इंटरव्यू में साहू ने सियासी समीकरणों, गठबंधन की चर्चाओं और राजनीतिक संभावनाओं पर अपनी स्पष्ट बात रखी...
Jharkhand Politics: Hemant के बयान से मचा सियासी बवाल, BJP ने दिया करारा जवाब
घाटशिला उपचुनाव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक विवादित बयान ने सियासत को गर्मा दिया है। एक सभा के दौरान सोरेन ने बीजेपी प्रत्याशी को ‘बैल’ कह दिया, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने भारत एक्सप्रेस से खास बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उनकी हताशा और भ्रम को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जनता सब समझ रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
झारखंड की सियासत में भूचाल! बिहार में ‘धोखेबाजी’ से नाराज JMM,राजद-कांग्रेस गठबंधन की समीक्षा का लिया फैसला
Hemant Soren Mahagathbandhan Review: झामुमो के वरिष्ठ नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा है कि बिहार में राजद और कांग्रेस नेतृत्व ने हमें अपमानित किया है. झारखंड के विधानसभा चुनाव में हमने उन्हें वाजिब हिस्सेदारी दी थी. यह नाकाबिले बर्दाश्त है.
खिलाड़ियों के सपनों को पंख दे रही है झारखंड की खेल नीति- हेमन्त सोरेन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से भेंट करते हुए पूर्व फुटबॉल कप्तान वाइचुंग भूटिया ने झारखंड में खेल विशेष रुप से फुटबॉल के विकास और खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने पर चर्चा किया.
झारखंड के सीएम हेमंत विधानसभा में बोले, ‘हमारी सरकार को बदनाम करने के लिए की जा रही फंडिंग’
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जनता को सरकार के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की जा रही है और यह गिरोह केवल झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में सक्रिय है.
कैसे बने शिबू सोरेन झारखंड के आदिवासी अधिकारों की आवाज, जानिए उनके जीवन के संघर्ष, आंदोलन और राजनीतिक उपलब्धियाँ
शिबू सोरेन, जिन्हें 'दिशोम गुरु' कहा जाता है, ने झारखंड के आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया. उनके जीवन में बलिदान, आंदोलन और जनसेवा की एक मिसाल देखने को मिलती है.
बुझ गया आदिवासी आंदोलन का दीपक! कौन थे शिबू सोरेन जिन्होंने झारखंड बनाने में निभाई अहम भूमिका?
Shibu Soren: सोरेन ने 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली. लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के चलते 9 दिनों के अंदर इस्तीफा देना पड़ा. अगस्त 2008 से जनवरी 2009 तक फिर मुख्यमंत्री रहे.





