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Small Businesses In India: छोटे व्यापारों से अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

ASUSE द्वारा पेश किए गए आंकड़े देखकर आपको भी खुशी होगी. आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में छोटे व्यवसायों का क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डिजिटल परिवर्तन और महिला उद्यमिता के लिए भी एक बड़ा अवसर साबित हो रहा है.

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भारत में रोजगार के अवसर बढ़ रहे

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत में छोटे व्यापारों ने अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया, जो कि पिछले साल की तुलना में 1 करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी हैं. ये आंकड़े Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises (ASUSE) 2023-24 ने प्रस्तुत किए हैं, जो देश के विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र के विभिन्न आर्थिक और संचालनात्मक पहलुओं का विश्लेषण करते हैं.

सर्वे के अनुसार, देशभर में छोटे व्यापारों की संख्या 6.5 करोड़ से बढ़कर 7.3 करोड़ हो गई है, जो 13% की वृद्धि को दर्शाता है. छोटे व्यापारों के लिए यह वृद्धि कोविड-19 महामारी के बाद के आर्थिक सुधार की ओर एक मजबूत संकेत है. रोजगार में 10.1% की वृद्धि भी देखने को मिली है.

सेवा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका

सर्वे में यह भी सामने आया कि यह वृद्धि मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र द्वारा प्रेरित रही है. सेवा क्षेत्र में संस्थाओं की संख्या 23.6% बढ़ी, जबकि रोजगार में 17.9% और आर्थिक गतिविधि को मापने वाला ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 26.2% बढ़ा. इसका मतलब है कि सेवा क्षेत्र में न केवल संस्थाओं की संख्या बढ़ी, बल्कि इनकी उत्पादन क्षमता और कार्यशक्ति भी द्रुत गति से बढ़ी है.

महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि

महिलाओं की व्यावसायिक उद्यमिता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. 2022-23 में जहां महिला-स्वामित्व वाले संस्थानों की संख्या 22.9% थी, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 26.2% हो गई. यह आंकड़ा महिला उद्यमिता के क्षेत्र में एक अहम बदलाव का प्रतीक है.

डिजिटल तकनीकी अपनाने में वृद्धि

सर्वे में यह भी दिखा कि छोटे व्यापारों में इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है. 2022-23 में जहां 21.1% संस्थाएं इंटरनेट का उपयोग कर रही थीं, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 26.7% हो गया. इसका मतलब है कि छोटे व्यापारों ने डिजिटल तकनीकी अपनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं.

आर्थिक योगदान

सर्वे के निष्कर्षों से यह स्पष्ट है कि गैर-कृषि छोटे व्यापारों का आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान है. छोटे विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र ने न केवल रोजगार सृजन में मदद की है, बल्कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

नौकरियों और वेतन में वृद्धि

इस दौरान, औसत वेतन में भी 13% की वृद्धि देखी गई. 2022-23 में जहां प्रति कर्मचारी औसत वेतन 1,24,842 रुपये था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 1,41,071 रुपये हो गया. यह वेतन वृद्धि छोटे व्यापारों की समृद्धि को दर्शाती है.

  • भारत एक्सप्रेस


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