चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच एक ऐसी दुनिया भी बसती है, जिसे समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है. राधिका आयंगर की किताब बनारस का मसान डोम समुदाय के जीवन, संघर्ष, सपनों और सामाजिक भेदभाव की इसी अनदेखी दुनिया से पाठकों को रूबरू कराती है.
सवर्णों के बिना असंभ जाति व्यवस्था का अंत: पढ़िए सुरज येनगड़े की किताब ‘Caste Matters’ का सार
आरक्षण हटाओ आंदोलन के दौर में डॉ. सुरज मिलिंद येनगड़े की किताब 'जाति जिंदा है' भारतीय समाज के जातीय विमर्श और सवर्ण विशेषाधिकारों पर एक जरूरी बहस छेड़ती है.
क्या इतिहास और आधुनिक तकनीक के संगम से सुलझेगा आज का सवाल? जानिए नई किताब ‘विक्टर और वेताल 2.0’ के बारे में
हिंदी साहित्य में कुछ किताबें ऐसी होती हैं जो सिर्फ कहानी नहीं सुनातीं, बल्कि पाठक को सोचने का एक नया नजरिया भी देती हैं. पत्रकार और लेखक अंशुमान तिवारी की नई पुस्तक ‘विक्टर और वेताल 2.0’ इसी तरह का एक अलग और दिलचस्प प्रयोग है.
सिर्फ मां-बेटी का रिश्ता नहीं, एक औरत की आत्म-पहचान की जंग है अरुंधति रॉय की ये नई किताब
अरुंधति रॉय की ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ एक ऐसी आत्मीय यात्रा है, जिसमें लेखिका अपने जीवन के सबसे जटिल और गहरे रिश्तों में से एक अपनी मां मैरी रॉय के साथ संबंध को नए नजरिए से देखती हैं.





