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Hindi Ghazal

दुष्यंत कुमार सिर्फ कवि नहीं, बल्कि आम आदमी की बेचैनी, संघर्ष और बदलाव की उम्मीद की आवाज थे. ‘साये में धूप’ जैसी कृति और उनकी अमर पंक्तियां आज भी व्यवस्था पर सवाल उठाने और बदलाव की उम्मीद जगाने का काम करती हैं.