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Hindu rituals

Tulsi Puja Rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सही दिशा, सही समय और विधि से तुलसी पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

Aaj Ka Panchang 7 May 2026: गुरुवार व्रत और विष्णु पूजा, साध्य, शुभ और रवि योग में करें पूजा और दान. पंचांग, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें.

Aaj Ka Panchang 6 May 2026: 06 मई का बुधवार व्रत और पंचांग जानें. आज सिद्ध योग और साध्य योग में गणेश पूजा से जीवन के संकट दूर होते हैं. शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय-सूर्यास्त और दान के महत्व की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

साल 2026 की पहली एकादशी 'कामदा एकादशी' भगवान विष्णु को समर्पित है. पंचांग के अनुसार तिथि के उतार-चढ़ाव के कारण व्रती असमंजस में हैं. इस लेख में जानें उदयातिथि के अनुसार व्रत की सटीक तारीख, पूजा विधि और इस दिन का विशेष महत्व.

हिंदू परंपरा में बड़े भाई की शादी पहले होने का रिवाज सदियों से चला आ रहा है. इसे केवल सामाजिक नियम ही नहीं, बल्कि धार्मिक मान्यता भी माना जाता है.

हिंदू परंपरा में विवाह केवल एक रस्म नहीं, संस्कार है. सदियों पुरानी इस परंपरा में बड़े भाई के अविवाहित रहते छोटे भाई की शादी को वर्जित माना गया है. आखिर इसके पीछे की असली वजह क्या है और क्या आधुनिक दौर में ये नियम बदल रहे हैं? विस्तार से पढ़ें.

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है, जो हरियाली अमावस्या के साथ पड़ रहा है. यह इस सदी के लंबे ग्रहणों में शामिल है, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा.

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दूसरे वर्ष के अवसर पर आयोजित 7 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वीकेंड के चलते देश-विदेश से लाखों भक्त अयोध्या पहुंचे। राम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर श्रद्धालु सामूहिक रील बनाते और उस ऐतिहासिक पल को कैमरे में कैद करते नजर आए। भक्त राम नाम का जाप करते हुए नृत्य और भजन में लीन दिखे। जन्मभूमि परिसर में विधिवत अनुष्ठान जारी है। रामलला के दर्शन कर श्रद्धालु उत्साहित और ऊर्जावान दिखाई दिए।

हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का विशेष महत्व है. इस बार यह शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे लक्ष्मी कृपा और पितृ आशीर्वाद का अद्भुत संयोग बन रहा है. जानिए स्नान-दान का सही समय और पूजा विधि.

बक्सर जिले के अहिरौली गाँव में स्थित अहिल्याधाम अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि जिन महिलाओं को संतान सुख नहीं मिलता, वे यहां आकर माता अहिल्या से मनौती मांगती हैं कि अगर उनकी गोद भरेगी तो वे अपने आँचल पर नृत्य कराएंगी। माता की कृपा से जब उनकी इच्छा पूरी होती है तो नर्तक बच्चे को गोद में लेकर मां के आँचल पर नृत्य करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी आस्था और चमत्कार का जीवंत उदाहरण बनी हुई है।