Bharat Express DD Free Dish

india china trade

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार शाम को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और निवेश के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें चीन के साथ भारत के बड़े व्यापार घाटे पर फोकस किया जाएगा.

भारत और चीन के बीच 1 अप्रैल 1950 को कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे, जिससे भारत पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता देने वाला पहला गैर-साम्यवादी देश बना.

पीएम मोदी मुख्य रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन (SCO Summit 2025) में भाग लेने के लिए चीन आए हैं.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 26 के पहले चार महीनों में चीन को भारत का माल निर्यात सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 5.76 अरब डॉलर (करीब 50,112 करोड़ रुपए) तक पहुंच गया.

चीन दुनिया में सबसे बड़ी सप्लाई चेन बन गया है. चीन ही एकमात्र ऐसा देश है, जिससे भारत सबसे ज्यादा सामान खरीदता है. वहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक-टेलिकम्युनिकेशन प्रोडक्ट्स इंपोर्ट किए जा रहे हैं.