Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

India Pakistan Partition

17 अगस्त 1947 को जब भारत और पाकिस्तान की सीमा रेखा सार्वजनिक हुई, तब आजादी की खुशी के बीच लाखों लोगों को अचानक अपनी नई हकीकत का सामना करना पड़ा.

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन आजादी के जश्न के ठीक दो दिन बाद सामने आई रेडक्लिफ रेखा ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी.

1947 के विभाजन के दौरान भारत की तरह पाकिस्तान ने भी 13 प्रमुख रियासतों का अपने में विलय कराया. बहावलपुर से लेकर कलात और हुनजा-नगर तक, जानिए कैसे इन रियासतों ने पाकिस्तान का नक्शा तय किया.

1947 के विभाजन ने सिर्फ भारत के नक्शे को नहीं बदला, बल्कि देश की आर्थिक और समुद्री ताकत पर भी गहरा असर डाला. जानिए कैसे कराची बंदरगाह ने अखंड भारत की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाई और इसके जाने के बाद भारत ने कांडला और दूसरे बंदरगाहों के जरिए नई राह बनाई.

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ ने एक बार फिर 1947 के विभाजन के उस दर्द को ताजा कर दिया है, जिसे लाखों लोगों ने अपनी जिंदगी में झेला था.

3 जून 1947 को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन ने भारत के विभाजन की आधिकारिक योजना पेश की थी, जिसे '3 जून प्लान' कहा जाता है. इसी के तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के गठन की तारीख तय हुई.

NCERT ने भारत के बंटवारे पर नया स्पेशल मॉड्यूल जारी किया है, जिसमें मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस नेतृत्व और लॉर्ड माउंटबेटन को विभाजन की त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.