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Indian Flag

15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 ये दोनों दिन भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने के नियम अलग-अलग होते हैं? इस वीडियो में जानिए ध्वजारोहण और Flag Unfurling का अंतर, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भूमिका के पीछे का कारण, और लाल किले पर फहराए जाने वाले तिरंगे की रस्सी से जुड़ी एक अनोखी परंपरा. यह कहानी सिर्फ झंडे की नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी और संविधान की आत्मा की है.

स्वतंत्रता दिवस पर पहलगाम में आयोजित तिरंगा एवं सद्भाव यात्रा ने हिंदू और मुस्लिम एकता का जीवंत उदाहरण पेश किया. सैनिकों को राखी बाँधकर और “हर घर तिरंगा, हर दिल हिंदुस्तान” के नारों के साथ इस यात्रा ने कश्मीर की असली पहचान को उजागर किया.

स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर घर-घर और गलियों में तिरंगे रंगों की रंगोलियों ने उत्सव का रंग और बढ़ा दिया है. बच्चे और परिवार मिलकर अशोक चक्र और तिरंगे रंगों से रंग-बिरंगी सजावट कर रहे हैं.

79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर की प्रमुख इमारतें और सड़कें तिरंगे के रंगों से जगमगा उठीं. मुंबई, कोलकाता, जोधपुर, पोरबंदर, रांची, वाराणसी और जम्मू-कश्मीर समेत कई शहरों में इमारतों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया और नागरिकों ने इस शानदार दृश्य का आनंद लिया.

भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारी आज़ादी, एकता और गौरव का प्रतीक है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देशभर में 13 से 15 अगस्त तक तिरंगा फहराने और उसे सम्मानपूर्वक संभालने की अपील की जा रही है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक पर राष्ट्रीय ध्वज का उल्टा पोस्ट करने के आरोपी की जमानत याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. आरोप है कि आरोपी ने भारत के तिरंगे का अपमान किया और भारत की हार को दर्शाया. सुनवाई अगस्त के दूसरे सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

‘भारतीय क्रांति की जननी’ के रूप में ख्याति अर्जित करने वाली भीकाजी कामा ने ब्रिटेन के अलावा अमेरिका और जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान भारत की स्वतंत्रता के लिए अभियान चलाया था.