मुस्लिम राजनीति: सशक्तिकरण की लहर या सियासी सौदेबाज़ी का नया मुखौटा?
Muslim Political Leadership: मुस्लिम समाज नेतृत्वविहीन है, सत्ता में भागीदारी के नाम पर वोट बैंक बनकर रह गया. अब आत्मनिर्भरता, शिक्षा और बौद्धिक भागीदारी की जरूरत है, न कि डर की राजनीति.





