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International Space Station

समैंथा हार्वी के बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यास ‘ऑर्बिटल’ के हिंदी अनुवाद को वैली ऑफ वर्ड्स बुक अवॉर्ड्स 2026 में सम्मान मिला है.

पृथ्वी से स्पेसक्राफ्ट के जरिए उड़ान भरकर भारतीय मूल के एक एस्ट्रोनॉट डॉ. अनिल मेनन (Anil Menon) अंतरिक्ष में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंच गए. वहां उसने NASA की अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ 6 घंटे 27 मिनट तक सफलतापूर्वक 'स्पेस वॉक' (Spacewalk) किया.

नासा के साथ काम कर चुकीं वैज्ञानिक डॉ. मिला मित्रा ने कहा कि शुभांशु शुक्ला का ISS वाला अनुभव भारत के गगनयान मिशन के लिए अहम होगा. 7 भारतीय प्रयोगों से भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों को मदद मिलेगी.

इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हजारों किमी की यात्रा पूरी कर अंतरिक्ष से धरती पर वापस आ गए हैं. वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से 18 दिन बाद अभी पृथ्वी पर पहुंचे हैं.

भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के सात विंडो वाली कपोला से पृथ्वी की फोटो लीं. केंद्र सरकार ने X हैंडल पर लिखा 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष पर प्रतिनिधित्व कर रहा है.

पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से वीडियो कॉल के जरिए बात की. यह संवाद सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि भावनाओं, विज्ञान और देशभक्ति से जुड़ा हुआ एक विशेष क्षण था.

PM Modi Interacts With Shubhanshu Shukla: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (ISS) पर गए भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से वीडियो कॉल पर बातचीत की.

शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 Mission के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का परचम लहराया. 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है. राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी शाबासी...

Spacex-NASA ISS Mission: सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर 9 महीने बाद स्पेसएक्स के रॉकेट से 19 मार्च को पृथ्वी पर लौटेंगे. उनका मिशन तकनीकी खराबी के कारण देरी से पूरा हुआ, लेकिन अब नया क्रू ISS पर उनकी जगह लेगा.

Sunita Williams और Butch Wilmore बीते 5 जून को बोइंग की पहली अंतरिक्ष यात्री उड़ान पर लगभग एक सप्ताह के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे. उनका मिशन सिर्फ 8 दिनों का था, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण ये समयसीमा लगातार बढ़ती गई.