355 वोट और एक नया इतिहास: लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद कैसे ‘गूंगी गुड़िया’ से ‘आयरन लेडी’ बनीं इंदिरा
19 जनवरी 1966 का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक क्रांतिकारी मोड़ था. लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद उपजे राजनीतिक शून्य को भरने के लिए कांग्रेस के भीतर पहली बार गुप्त मतदान के जरिए चुनावी जंग हुई. एक तरफ अनुभवी मोरारजी देसाई थे, तो दूसरी तरफ नेहरू की विरासत संभाल रहीं इंदिरा गांधी.





