1940 के दशक में पारसी समुदाय को ईरान में पुनर्वासित करने का प्रस्ताव क्यों कभी अमल में नहीं आया
1947 में भारत की आज़ादी के समय, ईरान के कुछ अखबारों और ज़ोरोएस्ट्रियन नेताओं ने एक विचार रखा कि भारत में बसे पारसी समुदाय को उनकी ‘पितृभूमि’ ईरान वापस बुलाया जाए.





