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Ismat Chughtai

इस्मत चुगताई ने अपने बेबाक लेखन से उर्दू साहित्य में महिलाओं की आवाज को नई पहचान दी। उन्होंने समाज के उन सच को सामने रखा, जिन पर बात करने से लोग अक्सर बचते थे.

उनकी किताब 'लिहाफ' को लेकर उन पर लाहौर कोर्ट में मुकदमा चला. इस्मत ने माफी नहीं मांगी. उन्होंने मुकदमा लड़ा और जीत हासिल की.