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Israel-Palestine Conflict

यह बात साफ है कि हमास के हमले से फिलिस्तीनियों का संघर्ष कमजोर हो गया है। अपनी जमीन हासिल करने और आजादी एवं संप्रभुता का उनका लक्ष्य इस बर्बर घटना के बाद कोसों दूर चला गया है।

इजरायल और फिलीस्तीन के बीच जंग जारी है. इजराइल-हमास युद्ध का असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. इज़राइल-हमास युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में 4.5% से अधिक की वृद्धि हो गई है. इसके साथ ही कच्चे तेल की सप्लाई में भी चुनौती खड़ी हो सकती है.

इजराइल पर हमास ने 20 मिनट में 5,000 रॉकेट दागे गए। इसी दौरान दक्षिणी इजराइल के कई इलाकों में हमास के लड़ाकों ने जमीनी हमला कर दिया। कुछ लड़ाके समुद्र के रास्ते स्पीड बोट से भी इजराइल में दाखिल हुए। दुनिया की सबसे शानदार खुफिया एजेंसी में शुमार मोसाद को इतने बड़े ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी।

इजराइल-फिलस्तीन विवाद 100 साल से भी ज्यादा पुराना है. इजराइल में इजराइल की सरकार है, जबकि वेस्ट बैंक में फाताह पार्टी सरकार चलाती है. गाजा स्ट्रिप पर हमास का कब्जा है. 'फिलस्तीन नेशनल अथॉरिटी' को ही फिलस्तीन के तौर पर देखा जाता है. लेकिन इसके एक हिस्से यानी वेस्ट बैंक में तो सरकार है, मगर दूसरे हिस्से गाजा स्ट्रिप पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है.

एयरलाइन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "हमारे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए तेल अवीव से हमारी उड़ानें 14 अक्टूबर, 2023 तक निलंबित रहेंगी."