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Jamiat Ulema-e-Hind

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की दो दिवसीय वर्किंग कमेटी की बैठक का ऐलान हो गया है. संगठन ने देश में बढ़ती सांप्रदायिकता, नफरत की राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी पर गहरी चिंता व्यक्त की है. जमीयत ने देश की सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों और सामाजिक संगठनों से लोकतांत्रिक स्तर पर एकजुट होने का आह्वान किया है.

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने तीखा बयान दिया है. उन्होंने नेपाल के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि किसी एक धर्म को राष्ट्र पर थोपने से प्रगति संभव नहीं है.

इस्‍लामी धर्मगुरू मौलाना महमूद मदनी अपने विषैले बयान के कारण फिर सुर्खियों में आ गए हैं. आज उन्‍होंने भोपाल में हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में 'जिहाद' की अवधारणा को एक 'पवित्र कर्तव्य' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए.

‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म को लेकर मुस्लिम संगठनों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. फिल्म पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और मुस्लिम समुदाय को गलत दिखाने का आरोप है.

मौलाना अरशद मदनी ने कहा, 'हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. जैसे अन्य मामलों में न्याय हुआ है, वैसे ही इस संवेदनशील और असंवैधानिक कानून पर भी हमें न्याय मिलेगा.

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सेक्युलर नेताओं के आयोजनों में हिस्सा न लेने का फैसला लिया है. मौलाना मदनी का कहना है कि ये नेता मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार पर चुप हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार ने हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट पर बैन लगा रखा है. जिसके तहत ऐसे उत्पाद के निर्माण, बिक्री और स्टोरेज पर बैन किया गया है जो हलाल सर्टिफाइड है.

जमीयत उलेमा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को चिट्ठी लिखकर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर जल्द सुनवाई की मांग की है.

वायनाड के पीड़ितों में भी हर धर्म के मानने वाले शामिल हैं और जमीयत उलमा धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर सबकी मदद कर रही है, क्योंकि मानवता की सेवा ही उसका सिद्धांत है.

सुप्रीम कोर्ट 2 सितंबर को जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की याचिका पर सुनवाई करेगी. याचिका में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है.