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Jayaprakash Narayan Movement

बिहार की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अपनी लेखनी से स्वर देने वाले वरिष्ठ कवि-गीतकार सत्यनारायण अब सिर्फ यादों में रह गए हैं. 13 सितंबर 1935 को भोजपुर जिले (तत्कालीन शाहाबाद) के कौलोडिहरी गांव में जन्मे कवि शिरोमणि सत्यनारायण कदमकुआं के घर की चहारदीवारी में पड़े-पड़े अकुलाता उनका मन सदा-सदा के लिए आजाद हो गया.