“भारत की पीठ में छुरा घोंपा,” JNU ने तुर्किये की इनोनू यूनिवर्सिटी से MoU रद्द किया
वीसी शांतिश्री धुलीपुडी पंडित ने कहा कि हमारे पास विभिन्न देशों के साथ 98 समझौता ज्ञापन हैं. जेएनयू तुर्की भाषा पढ़ाता है. प्रशासन ने सोचा कि हमें ऐसे देश के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए जो आतंक का समर्थन करता है और भारत की पीठ में छुरा घोंपता है.





