संस्कार भारती के ‘कला संकुल’ में कथक पर विशेष कला संगोष्ठी: गौरी दिवाकर ने साझा किए कला-यात्रा के अनुभव
संस्कार भारती के 'कला संकुल' में 'समकालीन कथक, परंपरा और नवाचार' पर संगोष्ठी आयोजित हुई. प्रसिद्ध नृत्यांगना गौरी दिवाकर ने कथक के बदलते स्वरूप और अनुभवों पर विचार साझा किए.
‘इतिहास सिर्फ पढ़ा नहीं जाएगा, महसूस भी होगा…!’ ‘कला संकुल’ में गूंजी ‘आजादी के सिंदूरी रंग’ की हुंकार
दिल्ली के कला संकुल में संस्कार भारती की मासिक मंचीय कला संगोष्ठी में नाटक ‘आजादी के सिंदूरी रंग’ पर परिचर्चा और जीवंत पाठ हुआ. रंगकर्मियों ने कला को राष्ट्रीय चेतना और युवा पीढ़ी को इतिहास का सशक्त माध्यम बताया.
‘कला संकुल’ में लोक कलाओं का अनूठा संगम, बसंत पंचमी पर संस्कार भारती ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग
नई दिल्ली के कला संकुल में बसंत पंचमी के अवसर पर दो दिवसीय मासिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ. लोक कला, गीत और नृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया.
थिएटर बना यादों का आईना: कला संकुल सेमिनार में नाटक ‘फायरप्लेस’ की प्रभावशाली प्रस्तुति
दिल्ली का सांस्कृतिक परिदृश्य हर माह एक नए ताप से जगमगा उठता है, जब कला संकुल अपने अखंड संकल्प के साथ महीने के अंतिम रविवार को सेमिनार का आयोजन करता है.





