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‘कला संकुल’ में लोक कलाओं का अनूठा संगम, बसंत पंचमी पर संस्कार भारती ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

नई दिल्ली के कला संकुल में बसंत पंचमी के अवसर पर दो दिवसीय मासिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ. लोक कला, गीत और नृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया.

नई दिल्ली स्थित संस्कार भारती के कला केंद्र “कला संकुल” में बसंत पंचमी के सुअवसर पर लोक कला एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित मासिक संगोष्ठी का सफल आयोजन 23 एवं 24 जनवरी 2026 को किया गया. इस दो दिवसीय आयोजन ने कला, साधना और लोक परंपरा का एक सजीव संगम प्रस्तुत किया.

कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रातः 11 बजे विधिवत सरस्वती पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें विद्वानों, कलाकारों एवं कला साधकों ने सहभागिता कर मां सरस्वती से कला-बुद्धि और रचनात्मक चेतना की कामना की. पूजा उपरांत वातावरण पूर्णतः सांस्कृतिक और साधनामय रहा.

द्वितीय दिवस की संध्या 5:30 बजे आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कला की विविध रंगत देखने को मिली.

केंद्रीय कार्यालय सचिव अशोक तिवारी, दक्षिण बिहार के प्रांतीय महामंत्री संजय कुमार पोद्दार, संगोष्ठी संयोजक श्रुति सिंह, माह के संयोजक मृत्युंजय के द्वारा दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का आरम्भ हुआ.

लोक संगीत ने बसंत पंचमी को बनाया यादगार

लोक गायन की सशक्त प्रस्तुति चांदनी शुक्ला ने सुंदर लोक गीत प्रस्तुत कर की प्रसिद्ध कलाकार अमित कुमार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के बाद लोकनृत्यों की श्रृंखला में पहली प्रस्तुति पूर्णिया की आकांक्षा निशु, दीप्रिया, रिंकल, आस्था के द्वारा झिझिया की प्रस्तुति से हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध लोक नर्तक उदय सिंह एवं श्रुति मेहता के द्वारा जट जटटीन की प्रस्तुत किया गया. श्रुति, प्रतीक्षा, राजनंदनी, शांभवी के द्वारा समा चकेबा की प्रस्तुति हुई. इसके बाद इन्हीं दो समूह के द्वारा झूमर और कजरी भी प्रस्तुति किया गया.

लोक नृत्यों की समूह प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय लोक जीवन की जड़ों से जोड़ा.

अखिल भारतीय संगठन मंत्री ने कलाकारों को किया सम्मानित

यह मासिक संगोष्ठी लोक कला के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक उसके संप्रेषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई. कार्यक्रम में कला प्रेमियों, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही. कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को अखिल भारतीय संगठन मंत्री अभिजीत गोखले एवं अशोक तिवारी के द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम का सफल संचालन गरिमा रानी ने किया वही संगोष्ठी संयोजिका श्रुति सिन्हा ने धन्यबाद ज्ञापन किया.

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रसिद्ध उद्घोषिका भारती डांग, कार्यक्रम संयोजक मृत्युंजय कुमार, बृजेश कुमार, हर्षित गोयल, विजेंदर कुमार , ऋतम्भरा ने विशेष योगदान दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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